Showing posts with label shayari. Show all posts
Showing posts with label shayari. Show all posts

Thursday, July 11, 2013

Shayari: बरखा के मेज़बान



बैठ कर इस खुश्क सहेन में आज

मेज़बानी करूँगा मैं गा कर मेघ मल्हार

छेडूंगा मैं फिर से एक ऐसा साज़

कि झूम कर करे बरखा भी मुझ पर नाज़ 



-Ashish